शांता दुर्गा मंदिर गोवा

श्री शांता दुर्गा मंदिर , पणजी , गोवा की राजधानी से ३३ किमी पर स्थित है। यहाँ के देवता को स्थानीय लोग शांतेरी भी कहते है। इन्हे शांतेरी इसलिए कहा जाता है क्युकी ये देवी श्री विष्णु शिव जी के बीच शांति करवाने प्रकट हुई थी। देवी के दोनों हाथो में दो साप है जो विष्णु और शिव का प्रतीक है। यें कोंकण के सारस्वत लोगो , कर्हाडे ब्राह्मण और भंडारी लोगो की कुलदेवी है।

कवालेम में स्थित मंदिर परिसर

कावेल्लोसिम (कैल्शिम) में स्थित मंदिर को पुर्तगालियो ने १५६४ ने ध्वंश कर दिया था। आज का यह मंदिर मराठो ने सातारा के छत्रपति शाहू महाराज के नेतृत्व में बनवाया। यह मंदिर पहाड़ी के ढलान पर स्थित है और इसके चारो ओर हरा भरा क्षेत्र है। इस मंदिर में एक मुख्य मंदिर तथा ३ छोटे मंदिर अन्य देवताओ को अर्पित है। इस मंदिर में एक त्रिकोणी आकर की छत है। इस मंदिर के स्तम्भ तथा फर्श को कश्मीरी पत्थरो से बनाया गया है। इस मंदिर में एक भव्य कुण्ड , दीप स्तम्भ तथा यात्रिओ का निवास स्थान भी है।

वास्तुकला

भारतीय तथा पुर्तगाली वास्तुशैली के मिलाप से बना यःमंदिर अपने त्रिकोणी शिखर के लिए जाना जाता है। सभा मंडप की खिड़किया रोम की वास्तुकला को दर्शाती है जिनमे रंगीन कांच लगे हुए है। इन काँचो के रंग गहरे लाल , पीले, नील और हरे रंग के है।इस मंदिर के झाड़ फ़ानूस , द्वार के निकट के स्तम्भ , गोलाकार गुबंद और लाल, हलके लाल और सफ़ेद रंग में रंगा यह मंदिर एक शांत और सुन्दर रूप दर्शाता है। इस मंदिर की एक और विशेष दर्शनीय बात है एक सुनहरी पालकी जिसमे देवी की यात्रा निकलती है।

पूजा

दुर्गा मंदिरो की तरह इस मंदिर में भी चंडी परायण , चंडी हवन इत्यादि होता है। गोवा जाने वाले हर यात्री को इस मंदिर का भ्रमण करना चाहिए।

translated by Ananya

Address

  • शांता दुर्गा मंदिर गोवा
    Queula

    Queula, Goa - 403401
  • Media

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